सियासी शतरंज पर वक्त की शह और मात

— सुभाष चन्द्र


आदमी को चाहिए, वक्त से डर कर रहे,
कौन जाने किस घड़ी, वक्त का बदले मिज़ाज

फिल्म वक्त के साहिर लुधियानवी के लिखे
एक गीत की ये लाइन आज सच में हर किसी
को चेतावनी दे रही हैं —

कल ममता 215 सीट ले कर समझ बैठी
कि उससे बड़ा कोई नहीं , मगर उसे क्या
पता कि कल क्या हो जायेगा —

दूसरे धर्मों के लोगों पर अत्याचार करने
वाले भूल जातें हैं, पासा कभी भी पलट
सकता है –

आज कोरोना काल में विपक्ष के नेता
संकट में अपनी शतरंज खेल रहे हैं कि
देश में मोदी की सरकार विफल हो जाये
और देश की बदनामी हो जाये चाहे
कितने ही मासूम लोगों की मौत हो जाये –

इसके लिए चीन के बिछाये जाल में फंसे
षड़यंत्र रच रहे हैं — उन्हें क्या पता कल क्या
होने वाला है क्यूंकि वक्त तो कभी साथ
नहीं देता —

कभी इराक पर 30 साल राज करने वाला
बेलगाम बादशाह सद्दाम हुसैन एक कब्र
के बराबर जगह में कैद हुआ और लादेन
और बगदादी कैसे मारे गए ,सब जानते है-

हमारे देश में भी कोई नेता हवा में ही उड़
गया, कोई घर में ही मारा गया अपने ही
सुरक्षा कर्मियों के हाथों और किसी को
एैसी मौत मिली विदेश में कि शव भी नहीं
मिला –ये सब लोग अपने को धरती का
खुदा समझ बैठे थे –

जो लोग ऑक्सीजन सिलिंडरों और दवाओं
की जमाखोरी कर असहाय लोगों को मौत
दे रहे हैं, जो लोगों को मिलने वाली हर एक
सुविधा के लिए उनका शोषण कर रहे हैं,
उन्हें नहीं पता उनके साथ कल क्या होगा –

ये लोग तो इंसान हैं, वक्त साथ नहीं लेकिन
भगवान् साथ थे, तब भी पांडव 13 बरस
जंगलों में भटकते रहे और खुद भगवान्
राम बनों में भटके 14 वर्ष क्यूंकि समय
साथ नहीं था –

दुनियां को कोरोना के हाथों मौत देने वाला
चीन नहीं जानता उसके साथ भविष्य में
क्या हो सकता है –चीन के तानाशाहों को
पता होना चाहिए कि किसी भी तानाशाह
की क्या दुर्गति होती है —

भगवान् कृष्ण से पूछा उद्धव (पार्थ) ने कि आप
मानव को गलत काम करने से रोकते क्यों
नहीं –भगवान् ने कहा, मैं तो मनुष्य के
साथ रहता हूँ और अगर उसे मेरे अपने
साथ होने का आभास होगा तो क्या वो
गलत काम करेगा क्या –

इसको ऐसे भी कह सकते हैं कि काल
चक्र चलता रहता, समय कभी किसी के
साथ नहीं रहता लेकिन कुकर्म करने
वाले का हिसाब देर से या सबेर से,
जरूर करता है –

बस आदमी को चाहिए, वक्त से डर कर रहे,
क्यूंकि पता नहीं कब वक्त का मिज़ाज़ बदल
जाये –एैसा न हो, तब तक बहुत देर हो जाये –

(सुभाष चन्द्र)
“मैं वंशज श्री राम का”
07/05/2021

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